बजरंग गढ़। कयी बरसों तक, महीने में एक बार (कमसे कम), बजरंग गढ़, अजमेर जाता था। मंदिर पहाड़ी पर स्थित है। मुश्किल सीढियां हैं करीबन् 250। पर पहुंचने पर मन शांत होता था।कम भीड़। सौम्य वातावरण। अच्छे पुजारी। सुन्दर मूर्ति। पुजारी के रहने की जगह बहुत ही साधारण। रास्ते में दुकान से अच्छे पेड़े,लाल गुलाब की ताज़ा माला मंदिर के पास से, कभी नारियल और कभी फल भी, साथ में ले जाता था। पहाड़ पर से आनासागर झील का सुन्दर नजारा भी दिखाई देता है। परीक्षा के दिनों में कयी विद्यार्थी भी दिख जाते थे। उम्र के साथ सीढियां चढ़ना मुश्किल होने पर जाना कम होता गया। एक दो बार हनुमान जयंती पर भी गया। एक बार दीवाली के दिन जाकर फोटो खींच कर भी लाया था। अच्छी यादें। Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps April 06, 2023 Read more